🌟 “एक पत्थर की कीमत”
एक बार एक छोटा लड़का अपने पिता से बोला, “पापा, मैं बड़ा होकर क्या बन सकता हूँ?” पिता मुस्कुराए और बोले, “बेटा, इसका जवाब तुम्हें खुद खोजना होगा।” फिर उन्होंने उसे एक पत्थर दिया और कहा — “इसे बाजार ले जाओ, लेकिन बेचना मत। बस देखना कि लोग कितना दाम लगाते हैं।” लड़का पत्थर लेकर बाजार गया। एक सब्ज़ीवाला बोला — “यह अच्छा पत्थर है, मैं इसे ₹10 दूँगा।” लड़का कुछ नहीं बोला और घर लौट आया। पिता बोले — “अब इसे ज्वेलरी की दुकान ले जाओ।” वह वहाँ गया। सुनार ने देखा और कहा — “यह तो बहुत खूबसूरत है! मैं ₹10,000 दूँगा।” फिर पिता बोले — “अब इसे कीमती रत्नों के संग्रहालय में ले जाओ।” वहाँ अधिकारी ने पत्थर देखा और बोला — “यह तो बेहद दुर्लभ हीरा है! इसकी कीमत लाखों में है।” लड़का हैरान रह गया। घर लौटकर बोला — “पापा, एक ही पत्थर की इतनी अलग-अलग कीमतें क्यों?” पिता मुस्कुराए और बोले — “बेटा, जीवन में तुम्हारी कीमत इस पर निर्भर करती है कि तुम खुद को कहाँ और किन लोगों के बीच रखते हो। अगर तुम सही जगह और सही संगत में रहोगे, तो तुम्हारी कीमत दुनिया खुद पहचान लेगी।”